व्यापक रूप से भौतिक एवं मानव भूगोल में विभाजित, यह पुस्तक भू-विज्ञान, जलवायु विज्ञान तथा मृदाविज्ञान जैसे वैज्ञानिक विषयों के अतिरिक्त, सामाजिक-आर्थिक, पर्यावरणीय तथा राजनीतिक पहलुओं को समाविष्ट करती है। इस पुस्तक में भूगोल के एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू, मानवीय क्रियाकलाप पृथ्वी के भू-पृष्ठ को किस प्रकार प्रभावित करते हैं तथा स्वयं इनसे किस प्रकार प्रभावित होते हैं, का भी विवेचन किया गया है।
यह पुस्तक संक्षिप्त, अपितु सारगर्भित रूप में इस वृहद विषय के महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं पहलुओं को प्रस्तुत करने का एक प्रयास है, और भारत सहित विश्व के भूगोल से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अवलोकन करती है।
यद्यपि यह पुस्तक यूपीएससी सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा के वैकल्पिक विषय भूगोल के विस्तृत पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार की गई है, तथापि यह सामान्य अध्ययन पेपर-I के परीक्षार्थियों, शोधार्थियों, विद्वज्जनों एवं यूजीसी नेट/स्लेट (SLET) तथा इस विषय में ज्ञानार्जन के इच्छुक लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी एवं लाभप्रद सिद्ध होगी। यह पुस्तक—
l क्षेत्र के संदर्भ में व्यापक किंतु प्रस्तुतीकरण में सारगर्भित है;
l गहन शोध-आधारित एवं सूक्ष्मपरक ढंग से अभिकल्पित है;
l भाषागत दृष्टि से सरल एवं बोधगम्य है;
l विभिन्न केस स्टडी के चित्रात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है;
l पर्याप्त संख्या में महत्वपूर्ण आरेखों, नूतन मानचित्रों, तालिकाओं एवं चार्ट्स का समावेश करती है; और
l परिशिष्ट में विषय संबंधी नवीन नीतियों, कार्यक्रमों, एवं समसामयिक घटनाओं तथा मुद्दों से संबंधित जानकारी प्रदान करती है।